अमेरिका में 40 दिनों से जारी ऐतिहासिक सरकारी शटडाउन अब समाप्त होने की ओर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही प्रशासनिक कामकाज सामान्य हो सकता है। यह शटडाउन अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा रहा, जिसने लाखों सरकारी कर्मचारियों, अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन को गहराई से प्रभावित किया। शटडाउन का मुख्य कारण बजट पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों के बीच गहरा मतभेद था।
जानकारी के अनुसार, बजट पास न होने की वजह से सरकारी विभागों की फंडिंग रुक गई थी, जिससे कई एजेंसियों का काम ठप पड़ा। ट्रंप प्रशासन और विपक्षी डेमोक्रेट्स के बीच अफोर्डेबल केयर एक्ट (Obamacare) और कुछ विभागों की फंडिंग को लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना था कि देश की सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार के लिए बजट प्रस्ताव को मंजूरी मिलनी चाहिए, जबकि डेमोक्रेट्स ने इसे असंतुलित बताते हुए विरोध किया।
इस शटडाउन के कारण करीब आठ लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी बिना वेतन के काम करने या घर बैठने को मजबूर रहे। एयरपोर्ट सुरक्षा, न्यायपालिका, नेशनल पार्क सर्विस और अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसियों के कामकाज पर इसका गहरा असर पड़ा। कई स्थानों पर उड़ानें प्रभावित हुईं और प्रशासनिक सेवाएं धीमी पड़ गईं। अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान हुआ , अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, देश को अरबों डॉलर की क्षति उठानी पड़ी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बातचीत में प्रगति हो रही है और जल्द ही समझौते की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा, हम अमेरिका के लोगों के हित में एक बेहतर और स्थायी समाधान की ओर बढ़ रहे हैं। दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक नेताओं ने भी संकेत दिया है कि अगर सरकार कुछ नीतिगत रियायतें देती है, तो वे बजट प्रस्ताव को समर्थन देने को तैयार हैं।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि लंबे समय तक चले इस शटडाउन ने अमेरिका की आर्थिक स्थिरता को झटका दिया है। उपभोक्ता खर्च में कमी और औद्योगिक उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, शटडाउन खत्म होने के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हो सकते हैं।
अमेरिकी नागरिकों ने सोशल मीडिया पर राहत की भावना व्यक्त की है। कई कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि उन्हें जल्द ही वेतन मिलेगा और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट अमेरिकी राजनीति के भीतर बढ़ती ध्रुवीकरण का परिणाम है, और भविष्य में ऐसे हालात से बचने के लिए द्विदलीय सहयोग को मजबूत करना आवश्यक है।
इस तरह, 40 दिनों तक चले इस अभूतपूर्व सरकारी ठहराव के बाद अमेरिका अब सामान्य प्रशासनिक स्थिति की ओर लौटने की तैयारी में है।












