बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण का मतदान आज मंगलवार, 11 नवंबर को शुरू हो गया है। इस चरण में राज्य के 94 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, जिनमें सीमांचल का अहम जिला किशनगंज भी शामिल है। यहां सुबह 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई, और मतदान केंद्र खुलते ही मतदाताओं की लंबी कतारें नजर आने लगीं। पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं में भी मतदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
किशनगंज विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक रूप से हमेशा से चर्चाओं में रहा है, क्योंकि यह इलाका सीमांचल की सामाजिक और धार्मिक विविधता को दर्शाता है। यहां मतदाताओं की बड़ी संख्या मुस्लिम समुदाय से जुड़ी है, जबकि युवा और महिला मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इस बार के चुनाव में हर पार्टी ने किशनगंज को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
किशनगंज सीट पर मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल , भारतीय जनता पार्टी , जदयू और एआईएमआईएम के उम्मीदवारों के बीच माना जा रहा है। राजद ने अपने पुराने गढ़ को बचाने के लिए आक्रामक प्रचार किया, जबकि भाजपा-जदयू गठबंधन ने विकास और कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाया। वहीं एआईएमआईएम और कांग्रेस ने स्थानीय मुद्दों, बेरोजगारी, और शिक्षा को लेकर मतदाताओं को साधने की कोशिश की है।
मतदान को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सख्त सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं। जिले के सभी मतदान केंद्रों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। निर्वाचन आयोग ने मतदान कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या गुटबाजी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाए।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, किशनगंज जिले में कुल 3 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें बड़ी संख्या में पहली बार वोट डालने वाले युवा शामिल हैं। कई जगहों पर युवाओं और महिलाओं को मतदान के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए गए थे। उसका असर मतदान केंद्रों पर साफ दिख रहा है, क्योंकि सुबह से ही वोटिंग प्रतिशत में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
बिहार चुनाव के इस चरण में मतदाताओं का उत्साह इस बात का संकेत है कि जनता बदलाव और विकास को लेकर गंभीर है। सभी प्रमुख दलों के नेता पिछले कई दिनों से सीमांचल क्षेत्र में ताबड़तोड़ रैलियां कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव और असदुद्दीन ओवैसी जैसे दिग्गज नेताओं ने भी यहां प्रचार कर मतदाताओं से समर्थन की अपील की थी।
किशनगंज में मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा। सुरक्षा कारणों से कुछ इलाकों में मतदान का समय घटाया गया है। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने मत का प्रयोग अवश्य करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं।
कुल मिलाकर, दूसरे चरण में किशनगंज में हो रहा मतदान न केवल स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करेगा बल्कि पूरे सीमांचल क्षेत्र के नतीजों पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 2025 के इस चुनाव में किशनगंज की जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।












