मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में करीब दो हफ्तों तक भर्ती रहने के बाद बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को 12 नवंबर 2025 को डिस्चार्ज कर दिया गया। 31 अक्टूबर को उन्हें सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। अब उनकी तबीयत में सुधार है और डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है। फिलहाल धर्मेंद्र अपने घर पर हैं, जहां उनके बच्चे और परिवारजन लगातार उनकी देखभाल कर रहे हैं।
इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर उन्हें अस्पताल से घर लाते वक्त पूरे समय उनके साथ दिखाई दीं। वीडियो में वे बेहद सादगी से धर्मेंद्र का हाथ थामे दिख रही हैं। इस भावनात्मक दृश्य ने फैंस के दिलों को छू लिया।
प्रकाश कौर हमेशा से सुर्खियों से दूर रही हैं। वे एक गृहिणी हैं, जो कभी भी फिल्मी लाइमलाइट में नहीं आईं। धर्मेंद्र ने प्रकाश कौर से 1954 में शादी की थी, जब वे फिल्मों में कदम भी नहीं रखे थे। यह वह दौर था जब धर्मेंद्र पंजाब के छोटे से गांव से सपनों की नगरी मुंबई आए थे। प्रकाश कौर ने उनके संघर्ष के दिनों में हर कदम पर साथ निभाया।
इस शादी से धर्मेंद्र के चार बच्चे हैं , सनी देओल, बॉबी देओल, विजेता देओल और अजीता देओल। सनी और बॉबी बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता हैं, जिन्होंने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया। हालांकि धर्मेंद्र बाद में अभिनेत्री हेमा मालिनी के साथ भी विवाह बंधन में बंधे, लेकिन प्रकाश कौर ने हमेशा संयम और गरिमा से जीवन जिया।
प्रकाश कौर ने शायद ही कभी मीडिया से बात की हो, लेकिन कई बार वे परिवारिक आयोजनों में नजर आती हैं। वे धर्मेंद्र के पूरे परिवार को जोड़कर रखने वाली एक मजबूत कड़ी मानी जाती हैं। बताया जाता है कि जब भी धर्मेंद्र बीमार पड़ते हैं, प्रकाश कौर सबसे पहले उनके पास पहुंचती हैं। इस बार भी उन्होंने वही किया , पूरे इलाज के दौरान वे अस्पताल में मौजूद रहीं।
धर्मेंद्र के स्वास्थ्य को लेकर फैंस में चिंता का माहौल था, लेकिन उनके डिस्चार्ज की खबर से राहत मिली है। सोशल मीडिया पर लोग दुआएं दे रहे हैं , हीमैन ऑफ बॉलीवुड जल्दी पूरी तरह स्वस्थ हों।
अब धर्मेंद्र अपने घर पर आराम कर रहे हैं और डॉक्टरों ने उन्हें कुछ हफ्तों तक ज्यादा बातचीत या शूटिंग से दूर रहने की सलाह दी है। परिवार का कहना है कि वे धीरे-धीरे सामान्य दिनचर्या में लौटेंगे।
प्रकाश कौर का यह साया, एक पत्नी के रूप में, फिर साबित करता है कि सच्चा साथ न सिर्फ सफलता में बल्कि बीमारी के समय भी निभाया जाता है।












