उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के टिकैतनगर थाना क्षेत्र के सराय बरई गांव में बुधवार को एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हुआ, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री की छत और दीवारें उड़ गईं और आसपास के कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए।
सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को पहले टिकैतनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया है।
मृतकों की पहचान रामकुमार (35) और गुड्डू (28) के रूप में हुई है, जो फैक्ट्री में बतौर कर्मचारी काम कर रहे थे। घायलों में फैक्ट्री मालिक का बेटा भी शामिल बताया जा रहा है। धमाके के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक, धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और चारों ओर धुआं फैल गया।
SDM रामसनेहीघाट ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई थी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि फैक्ट्री में पटाखों और बारूद का स्टॉक अधिक मात्रा में रखा गया था, जबकि इसके लिए कोई उचित लाइसेंस नहीं दिखाया गया। उन्होंने कहा कि लापरवाही और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण ही यह हादसा हुआ है।
प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एसडीएम ने बताया कि फैक्ट्री मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है, और यह जांच की जाएगी कि फैक्ट्री कानूनी रूप से संचालित हो रही थी या नहीं। विस्फोट की प्रकृति को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, जो घटनास्थल से नमूने एकत्र कर जांच करेगी।
इस हादसे पर जिलाधिकारी बाराबंकी ने दुख व्यक्त किया है और कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मृतकों के परिवारों को हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
गांव में फिलहाल सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं ताकि किसी प्रकार की अफवाह या भीड़भाड़ की स्थिति न बने। इस घटना ने एक बार फिर पटाखा निर्माण इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने जिले की सभी फैक्ट्रियों की जांच करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी को रोका जा सके।












