प्रदेश सरकार बुजुर्गों के लिए एक बड़ी राहत देने जा रही है। अब वृद्धावस्था पेंशन पाने के लिए उन्हें न तो सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही किसी तरह की जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा। सरकार एक ऐसी व्यवस्था लागू करने जा रही है, जिसमें पेंशन का लाभ सीधे घर बैठे उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना राज्य के लाखों वरिष्ठ नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
दरअसल, समाज कल्याण विभाग ने बुजुर्गों को पेंशन प्रदान करने की प्रक्रिया को बेहद सरल और सहज बनाने की तैयारी की है। विभाग की ओर से 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके व्यक्तियों को फोन कॉल किया जाएगा, जिसमें यह पूछा जाएगा कि क्या वे वृद्धावस्था पेंशन का लाभ लेना चाहते हैं। व्यक्ति की सहमति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस प्रक्रिया को इतना सरल बनाया गया है कि लोग घर पर रहते हुए ही पेंशन योजना से जुड़ सकेंगे। यानी अब न कोई लंबा फॉर्म भरना पड़ेगा और न ही दस्तावेज़ों के लिए बार-बार दौड़ लगानी पड़ेगी।
इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में मुहर लग सकती है। माना जा रहा है कि यह योजना सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है क्योंकि इसका सीधा लाभ उन बुजुर्गों को मिलेगा, जो अक्सर सरकारी प्रक्रियाओं से परेशान हो जाते हैं और कई बार अपनी पात्रता होने के बावजूद पेंशन प्राप्त नहीं कर पाते।
कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव सहित लगभग 15 से अधिक महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा की जाएगी। इनमें बुनियादी ढांचे के विकास, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार और विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत नई नीतियों को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे, बिना किसी बाधा और बिना किसी लंबे इंतजार के पहुंचे।
बताया जा रहा है कि कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी मंत्रियों के साथ अलग से बैठक भी करेंगे। यह बैठक आगामी महीनों में लागू होने वाले कार्यक्रमों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित की जाएगी। इसमें विशेष रूप से उन योजनाओं पर ध्यान दिया जाएगा जिनका संबंध आम जनता के दैनिक जीवन से है, जैसे पेंशन योजनाएं, कल्याणकारी कार्यक्रम, और राज्य में चल रही विकास योजनाएं।
सरकार का यह कदम सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी पहल माना जा रहा है। वृद्धावस्था पेंशन, बुजुर्गों के लिए आर्थिक सहारा होती है, और इसे सरल तरीक़े से उपलब्ध कराना उनकी गरिमा और सुविधा दोनों को बढ़ाता है। यदि यह प्रस्ताव कैबिनेट में पारित हो जाता है, तो प्रदेश के लाखों बुजुर्गों को लाभ मिलेगा और राज्य में पेंशन वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाया जा सकेगा।
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद वृद्धजन न केवल समय और मेहनत की बचत कर पाएंगे, बल्कि उन्हें सरकार द्वारा सम्मान के साथ सहायता मिलने का भरोसा भी बढ़ेगा। सरकार उम्मीद कर रही है कि यह पहल सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी।












