फिरोजाबाद जिले में एक सनसनीखेज हत्या मामले का फैसला सोमवार को स्थानीय अदालत ने सुना दिया। अदालत ने मृतक जानी की पत्नी, उसके प्रेमी और दो अन्य आरोपियों को हत्या के अपराध में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला पिछले वर्ष मई 2024 में सामने आया था, जब अचानक जानी रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गया था। बाद में उसका शव मिलने पर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था।
मामले की शुरुआत तब हुई जब मई 2024 में जानी घर से निकला, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिवार ने पहले तो खुद उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। कई दिनों की खोजबीन के बाद जानी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई। शव मिलने के बाद जानी के भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि जानी की पत्नी का एक व्यक्ति से अवैध संबंध था और दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची है।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच तेज की और तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन तथा पूछताछ के आधार पर पत्नी, उसके प्रेमी और दो अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से जानी की हत्या की थी ताकि रास्ते से हटाकर अपने संबंध को आगे बढ़ा सकें। जांच में यह भी सामने आया कि जानी को योजनाबद्ध तरीके से बुलाया गया था और हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी।
पूरे प्रकरण के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए। जानी के भाई और परिजनों के बयानों ने मामले को मजबूती दी। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए खतरनाक संदेश देती हैं, जहां निजी स्वार्थ और अवैध संबंधों की वजह से एक निर्दोष व्यक्ति की जान ले ली जाती है। अदालत ने इसे ‘क्रूर अपराध’ मानते हुए सभी चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
फैसले के बाद जानी के परिवार ने राहत व्यक्त की और कहा कि उन्हें अब न्याय मिला है। परिवार ने पुलिस और अदालत का धन्यवाद करते हुए कहा कि अपराधियों को उनके कृत्य की सजा मिली है, जिससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जाएगा कि किसी भी अपराधी को कानून से बचाया नहीं जा सकता।
इस फैसले ने एक बार फिर साबित किया है कि न्याय व्यवस्था समय भले ले, लेकिन दोषियों को सजा अवश्य मिलती है। स्थानीय लोगों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया और इसे न्याय की जीत बताया।












