गुरुग्राम में यातायात नियमों का पालन न करने वालों पर इस वर्ष ट्रैफिक पुलिस ने अब तक 18 लाख से ज़्यादा चालान जारी किए हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है, जब 13.88 लाख चालान काटे गए थे। आंकड़ों में हुई यह बढ़ोतरी न सिर्फ पुलिस की सख़्ती को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन लगातार एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। गुरुग्राम जैसे व्यस्त और तेजी से बढ़ते शहर में सुरक्षित यातायात प्रणाली को बनाए रखने के लिए पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस साल जिन नियमों के उल्लंघन पर सबसे अधिक चालान किए गए, उनमें रॉन्ग साइड ड्राइविंग और बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना प्रमुख हैं। रॉन्ग साइड ड्राइविंग शहर में दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन चुका है। कई चालक ट्रैफिक से बचने या जल्दी गंतव्य तक पहुँचने के लिए गलत दिशा में वाहन चलाते हैं, जिससे सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान खतरे में पड़ती है। इसी प्रकार, बिना हेलमेट चलना अभी भी बड़ी संख्या में लोगों की आदत बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि हेलमेट न पहनने से दुर्घटनाओं में मृत्यु दर बढ़ जाती है, इसलिए इस तरह के चालान लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जारी किए जा रहे हैं।
यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस लगातार अभियान चला रही है। स्कूलों, कॉलेजों और कार्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ताकि लोगों को सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में बताया जा सके। पुलिस का यह भी मानना है कि सिर्फ चालान काटना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों में यातायात नियमों के प्रति समझ और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी आवश्यक है।
इस दिशा में तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। शहर में लगाए गए हाई-टेक कैमरों के माध्यम से ऑटोमैटिक चालान जारी किए जा रहे हैं। ये कैमरे रेड लाइट जंपिंग, ओवरस्पीडिंग और रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसी गतिविधियों को तुरंत रिकॉर्ड कर लेते हैं। इसके बाद वाहन के पंजीकरण नंबर के आधार पर चालान सीधे वाहन मालिक के पते पर भेज दिया जाता है। पुलिस का कहना है कि कैमरा आधारित कार्रवाई पारदर्शी होती है और इससे चालकों में नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ता है।
गुरुग्राम में बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए पुलिस ने सड़क इंजीनियरिंग सुधार, ब्लैक स्पॉट की पहचान और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती जैसे कदम भी उठाए हैं। कई प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल अपग्रेड किए गए हैं और जहाँ जरूरत है, वहाँ बैरिकेड्स एवं संकेतक भी लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, रात में शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें कई लोगों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि यदि लोग नियमों का पालन करें, तो सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी कमी लाई जा सकती है। उनका कहना है कि चालान काटना किसी भी विभाग का उद्देश्य नहीं होता, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिक लक्ष्य है। गुरुग्राम में जारी ये सख्त कदम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में सड़क सुरक्षा की स्थिति और बेहतर होगी।












