वाराणसी और आसपास के जिलों में कोहरे का मौसम दस्तक दे चुका है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में जहां दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है, वहीं सुबह के समय घने कोहरे की चादर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को ढक लेती है। सुबह 5 बजे से लेकर लगभग 9 बजे तक कोहरा छाया रहता है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोग धुंध के बीच अपने काम पर निकल रहे हैं और वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है।
पिछले 24 घंटों में शहर का न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा नीचे दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखी गई। इसके बावजूद वातावरण में मौजूद अधिक नमी और हल्की ठंड ने सुबह व रात के समय ठिठुरन बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वांचल क्षेत्र में हवा का रुख बदल रहा है, जिसकी वजह से रात के समय तापमान थोड़ा गिर रहा है और सुबह कोहरा छाने की स्थिति बन रही है। हालांकि, विभाग ने अभी तक किसी तरह की आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन आने वाले दिनों में कोहरे का असर बढ़ने की संभावना जरूर जताई है।
कोहरे के कारण वाराणसी, चंदौली, भदोही, जौनपुर और गाजीपुर में सुबह की रफ्तार धीमी पड़ गई है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में दृश्यता कम होने से सड़क हादसों का जोखिम बढ़ गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन चालकों को हेडलाइट व फॉग लाइट का प्रयोग करना पड़ रहा है। शहर में भी स्कूटी और बाइक सवारों को धीमी गति व सावधानी के साथ चलना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों और कर्मचारियों को भी कोहरे और ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा के किनारे बसे वाराणसी में नमी की मात्रा सामान्य दिनों की तुलना में अधिक दर्ज की जा रही है। नमी के कारण वातावरण देर रात से ही ठंडा होना शुरू हो जाता है, जिससे सुबह के समय कोहरा घना हो जाता है। मौसम वैज्ञानिक अनुमान लगा रहे हैं कि दिसंबर की शुरुआत में कोहरे की तीव्रता और बढ़ सकती है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत में ठंडी हवाएँ तेज होने की संभावना है। ऐसे में वाराणसी सहित पूरे पूर्वांचल में सुबह का तापमान और नीचे जा सकता है।
दूसरी ओर, किसानों के लिए यह मौसम कुछ चुनौती भी लेकर आया है। धान कटाई का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन सब्जी और अन्य रबी फसलों पर कोहरे का असर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि किसान फसलों में नमी नियंत्रित रखने और रोगों से बचाव के लिए समय पर सिंचाई और छिड़काव की व्यवस्था करें।
शहर के स्वास्थ्य विभाग ने भी नागरिकों को सुबह-सुबह बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की अपील की है। डॉक्टरों के अनुसार, कोहरा और ठंड मिलकर सर्दी-जुकाम, अस्थमा और एलर्जी के मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकते हैं। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष रूप से गर्म कपड़ों का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर, वाराणसी में कोहरे का यह शुरुआती असर आगे और बढ़ने वाला है। फिलहाल मौसम विभाग की ओर से कोई चेतावनी नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में सुबह की धुंध और गहराएगी और ठिठुरन बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतते हुए ही अपनी दिनचर्या को आगे बढ़ाना होगा।












