अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डी.सी. में स्थित व्हाइट हाउस के पास सोमवार देर रात हुई गोलीबारी ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। इस घटना में दो सुरक्षा जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावर की पहचान रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है, जो अफगानिस्तान का नागरिक है और वर्ष 2021 में ऑपरेशन एलाइज वेलकम के तहत अमेरिका पहुंचा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उसने घात लगाकर सुरक्षा गार्डों पर अचानक हमला किया, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना व्हाइट हाउस के उत्तरी हिस्से में स्थित बाहरी सुरक्षा परिधि के पास हुई। आधी रात के आसपास गश्त कर रहे जवानों पर अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। अधिकारियों के अनुसार लकनवाल एक ऐसी जगह छिपा हुआ था, जहां से वह सीधे सुरक्षा जवानों को निशाना बना सकता था। हमले में दो जवानों को गोली लगी। दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
हमले के तुरंत बाद विशेष सुरक्षा बल और सीक्रेट सर्विस ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया। कुछ ही मिनटों में हमलावर को काबू में कर लिया गया। लकनवाल से हथियार बरामद किए गए हैं और उसे हिरासत में ले लिया गया है। आरोप है कि उसने बिना किसी चेतावनी के अचानक हमला किया और तेजी से गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एफबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी हमलावर के बैकग्राउंड, उसकी गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि लकनवाल ने हमला क्यों किया। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वे हमलावर की डिजिटल गतिविधियों, संपर्कों और यात्रा इतिहास की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या वह अकेले काम कर रहा था या किसी संगठन से जुड़ा हुआ है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लकनवाल उन हजारों अफगान नागरिकों में शामिल था, जिन्हें तालिबान के कब्जे के बाद अमेरिका ने विशेष मानवीय कार्यक्रम ऑपरेशन एलाइज वेलकम के तहत शरण दी थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन अफगानों को सुरक्षा देना था जिन्होंने वर्षों तक अमेरिकी सैन्य बलों के साथ काम किया था। अब इस घटना के बाद इस कार्यक्रम के सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी सवाल उठ सकते हैं।
घटना के बाद व्हाइट हाउस और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि कोई भी संवेदनशील स्थान खतरे में नहीं था, फिर भी एहतियात के तौर पर सुरक्षा स्तर बढ़ा दिया गया है। सीक्रेट सर्विस ने यह सुनिश्चित किया कि व्हाइट हाउस के भीतर किसी भी गतिविधि पर असर न पड़े।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस हमले को अत्यंत गंभीरता के साथ लिया जा रहा है क्योंकि यह देश के सबसे सुरक्षित और उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में से एक में हुआ है। एफबीआई के अधिकारी जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, जिसमें हमलावर के मकसद और भविष्य के खतरे की संभावनाओं पर प्रकाश डाला जाएगा।
फिलहाल लकनवाल से लगातार पूछताछ की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां इस बात की तहकीकात में जुटी हैं कि आखिर उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर नए सिरे से विचार की आवश्यकता को रेखांकित किया है।











