लखनऊ, समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव ने रविवार को पार्टी मुख्यालय लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर मतदाता सूची से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक)
वोट काटने के आरोप लगाए। उन्होंने चुनाव आयोग से फॉर्म 7 न भरवाने की मांग की।
अखिलेश ने कहा कि मतदाता सूची के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम
से बिहार का चुनाव भाजपा ने जीत लिया। बंगाल में भी यही कोशिश कर रही है। वहां मजबूरी में
भाजपा की काली करतूत के खिलाफ काला कोट पहनना पड़ा।
आज हमारे साथ नंदलाल हैं, ये वही नंदलाल हैं जिनके भारतीय जनता पार्टी ने फॉर्म 7 पर दस्तखत
कराए थे। जबकि वो दस्तख़त करता ही नहीं है बल्कि अंगूठा लगाता है। नंदलाल की इस बहादुरी के
लिए हम लोग एक लाख रुपये और लोकतंत्र को बचाने के लिए दे रहे हैं। ये अपने घर पर मंदिर का
निर्माण कर रहे हैं, हम समाजवादी लोग इनके मंदिर को बनाने में भी सहयोग करेंगे।
अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी मांग है कि चुनाव आयोग फॉर्म 7 भरवाना बंद करे। जिस सरकार
से कोई उम्मीद न हो, उनके आखिरी बजट से क्या उम्मीद होगी। भारतीय जनता पार्टी की हर काली
करतूत, हर बेइमानी पकड़ी जा रही है। आप सिस्टम को खत्म कर रहें, इसका मतलब आप लोकतंत्र
को खत्म कर रहे हैं। बीएलओ अपनी नौकरी बचाने के लिए लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे।
सपा अध्यक्ष ने इस दौरान कहा कि पूर्व विधायक अरुण वर्मा जैसे सभी जागरूक और सक्रिय पीडीए
प्रहरियों और उनके सभी सहयोगियों का अभिनंदन जो ‘लोकतंत्र सेनानी’ के रूप में, इतिहास में दर्ज़
होने लायक अपनी सजग भूमिका बख़ूबी निभा रहे हैं। वे सभी सच्चे पत्रकार भी प्रशंसा के हक़दार हैं
जो लोकतंत्र को बचाने में लगे हैं, उन सबका भी अभिनंदन। इस दौरान वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव,
राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल, आशु मलिक आदि उपस्थित रहे।











