राजिम, 11 फरवरी राजिम कुंभ कल्प के पावन अवसर पर कुलेश्वर मंदिर के समीप स्थित
संत समागम स्थल में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, नवापारा द्वारा स्थापित परमात्मा
शिव के कर्तव्य को दर्शाती भव्य झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रतिदिन
हजारों की संख्या में भक्तगण झांकी के दर्शन कर आध्यात्मिक संदेश ग्रहण कर रहे हैं।
झांकी में दर्शाया गया है कि वर्तमान समय में जब समाज में अत्याचार, भ्रष्टाचार, असत्य और हिंसा का
विस्तार हो रहा है, तब रमात्मा शिव साधारण मानव तन का आधार लेकर मानव आत्माओं के कल्याण
हेतु अवतरित होते हैं।
सेवा केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी पुष्पा बहन ने बताया कि गीता के वचनों के अनुरूप धर्म की
पुनर्स्थापना के लिए परमात्मा का अवतरण होता है और इसी दिव्य सत्य को चैतन्य देवियों की झांकियों
के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। विशेष रूप से परमात्मा शिव के नंदीगण तथा उस पर विराजमान
शंकर की मनोहारी प्रतिमा श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। नंदीगण के प्रतीकात्मक एवं मनोवैज्ञानिक
महत्व की जानकारी भी आगंतुकों को दी जा रही है। इसके साथ ही मां दुर्गा, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, मां
गंगा और भगवान श्रीकृष्ण की चैतन्य झांकियों के माध्यम से चित्रण किया गया है, जहां स्त्री-पुरुष अपने
विकारों की आहुति देकर आत्मशुद्धि और सतयुग स्थापना का संकल्प लेते हुए दर्शाए गए हैं।
संस्थान द्वारा जीवन को श्रेष्ठ और शांतिमय बनाने हेतु तीन दिवसीय राजयोग शिविर का भी आयोजन
किया जा रहा है। यह झांकी प्रतिदिन संध्या 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक आयोजित की जा रही है, जहां
श्रद्धालु आस्था और अध्यात्म का लाभ उठा रहे हैं।












