नई दिल्ली, 16 फरवरी राष्ट्रवादी चिकित्सक संघ द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के
शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में दरियागंज स्थित दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन सभागार में “चिकित्सक
सामाजिक पथ प्रदर्शक” विषय पर प्रश्नोत्तरी एवं जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में दिल्ली एवं आसपास के 200 से अधिक चिकित्सकों ने भाग लेकर देश और समाज से
जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि “राष्ट्र प्रथम”
की भावना ही देश की सभी आंतरिक समस्याओं का स्थायी समाधान है। उन्होंने समाज से जातिगत
विभाजनों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि
सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और संगठन की शक्ति के माध्यम से ही भारत अपनी पूर्ण
क्षमता का प्रदर्शन कर सकता है।
अपने वक्तव्य में इंद्रेश कुमार ने जनसंख्या संतुलन, बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति, अखंड भारत
तथा सामाजिक चुनौतियों जैसे विषयों पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने संवाद और सकारात्मक
राष्ट्र चिंतन को समाज की समस्याओं के समाधान का प्रमुख माध्यम बताया और सभी वर्गों से
राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आग्रह किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. ममता त्यागी ने भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप का
उल्लेख करते हुए कहा कि शक्ति और प्रकृति का संतुलन ही सृष्टि का आधार है। उन्होंने समाज में
संवेदनशीलता और समरसता के लिए स्त्री-पुरुष की समान सहभागिता को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत महिला चिकित्सकों द्वारा महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र के सामूहिक गायन से हुई
और समापन वंदे मातरम् के साथ किया गया। इस अवसर पर डॉ. मीनाक्षी काव, डॉ. ऋतु सिंह, डॉ.
मोनिका अग्रवाल, डॉ. गिरीश त्यागी, डॉ. सुनील शांगलू, डॉ. सचिन गुप्ता, डॉ. अर्णव बंसल, डॉ.
वीरभद्र यादव, डॉ. अश्वनी गोयल, डॉ. प्राची और डॉ. सुधा शर्मा सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित
रहे।












