नई दिल्ली, 19 फरवरी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में
अपने स्वागत के तौर-तरीकों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब उनके
स्वागत में माला, गुलदस्ता या स्मृति चिह्न भेंट न किए जाएं। इसके बजाय वे चाहते हैं कि लोग
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पौधे लगाएं।
मंत्री ने कहा कि यदि कोई उनका सम्मान करना चाहता है तो अपने क्षेत्र में एक पौधा लगाए और उसके
साथ फोटो खिंचवाकर भेज दे। पौधा लगाकर उसकी तस्वीर लेकर आएं, वही मेरे लिए सबसे बड़ा स्वागत
होगा। उन्होंने यह भी अपील की कि कार्यक्रमों में होने वाले अनावश्यक खर्च को कम कर पर्यावरण के
हित में काम किया जाए। उनके अनुसार, स्वागत में खर्च होने वाली राशि का उपयोग पौधरोपण और
उनकी देखभाल में किया जा सकता है, जिससे समाज को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
पीएम मोदी ने भी की थी ये अपील
बता दें कि यह पहला मौका नहीं है, जब नेताओं ने इस तरह का फैसला लिया हो। इससे पहले देश के
कई नेताओं ने ऐसी मंशा जाहिर की थी। पीएम मोदी ने भी लोगों से अपील की थी कि शुभकामनास्वरूप
पुष्प गुच्छ यानि बुके देने के बजाय पुस्तक भेंट करने की अपील की थी और कहा था कि पढ़ने से
ज्यादा आनंद किसी और काम में नहीं आता और ज्ञान से बड़ी कोई ताकत नहीं है। झारखंड के मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन ने भी इसी तरह की पंरपरा की शुरूआत की थी।











