नई दिल्ली, 22 फरवरी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की अखिल भारतीय विद्यार्थी
परिषद इकाई ने छात्र संघ और जेएनयू प्रशासन के बीच साठ गांठ का आरोप लगाया है। संगठन ने
बयान जारी कर कहा है कि वर्तमान समय में जो परिस्थितियां जेएनयू में हैं वे अत्यंत चिंताजनक
हैं। एबीवीपी जेएनयू अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा, हम लोग प्रारंभ से ही छात्रहित, पारदर्शिता और
लोकतांत्रिक मूल्यों की पक्षधर रहे हैं। हमने जेएनयू के चीफ प्रॉक्टर ऑफिस के मैनुअल के लागू होने
के दिन से ही इसका विरोध किया है, क्योंकि यह मैनुअल छात्रों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और
स्वायत्तता पर आघात करता है। जब हमारे कार्यकर्ताओं पर अन्यायपूर्ण जुर्माने लगाए गए और
निष्कासन की कार्रवाई की गई, तब तथाकथित छात्रसंघ मौन रहा। आज वही लोग कक्षाएं बाधित कर
छात्रहित की बात कर रहे हैं। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमारा संघर्ष न तो अवसरवादी है और न
ही चयनात्मक। हम हर उस निर्णय का विरोध करेंगे जो छात्रहित और विश्वविद्यालय के लोकतांत्रिक
वातावरण के विरुद्ध होगा। जेएनयू का छात्र आज प्रशासन की तानाशाही और वामपंथी संगठनों की
राजनीतिक स्वार्थपरता के बीच पिस रहा है।











