नई दिल्ली, 22 फरवरी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बड़ी कामयाबी मिली है।
पुलिस ने आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। छह संदिग्धों को तमिलनाडु और दो को पश्चिम
बंगाल से पकड़ा गया। इनपर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और बांग्लादेश के आतंकी
संगठनों के इशारे पर भारत में एक बड़ी आतंकी साजिश रचने का आरोप है। इन संदिग्धों के पास से
कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है, जिसकी जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल
सेल के एडिशनल कमिश्नर प्रमोद सिंह कुशवाहा ने इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कई बड़े खुलासे
किए हैं।
स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी, प्रमोद कुमार कुशवाहा ने बताया, 'स्पेशल सेल की एक टीम ने एक
मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया जिसे बांग्लादेश में बैठे लश्कर के एक हैंडलर हैंडल कर रहा था। 7 फरवरी
को, दिल्ली में कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन और आस-पास के कुछ मेट्रो स्टेशनों पर खंभों पर देश
विरोधी पोस्टर चिपकाए गए थे। सीआईएसएफ ने इस पर ध्यान दिया और दिल्ली पुलिस की मेट्रो
यूनिट को इसकी जानकारी दी। दिल्ली पुलिस मेट्रो यूनिट ने पोस्टर लगाने वालों की पहचान की और
उनके रूट का पता लगाया। वे इस नतीजे पर पहुंचे कि ये लोग पश्चिम बंगाल, कोलकाता से आए थे
और वे वापस कोलकाता चले गए थे। स्पेशल सेल की टीम कोलकाता गई। लोकल पुलिस की मदद
से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें एक उमर फारूक की हुई था, जो मालदा का रहने वाला
है और दूसरी गिरफ्तारी रोबिल उल इस्लाम की हुई थी, जो बांग्लादेश का रहने वाला है।
उन्होंने आगे बताया, गिरफ्तार किए गए आरोपियो ने कि दिल्ली में कई जगहों पर भारत विरोधी
पोस्टर लगाए गए थे, जिन पोस्टरों में आतंकवादियों की झलक थी, वे इन दोनों ने लगाए थे। बाद
में, पूछताछ और जांच से पता चला कि उन्हें बांग्लादेश से शब्बीर अहमद लोन डायरेक्शन दे रहा था।
शब्बीर अहमद लोन 2007 के दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल केस का दोषी आतंकवादी है। वह एक बड़े
पॉलिटिकल लीडर को मारने के लिए आया था और पकड़ा गया। वह कई वर्षों तक जेल में रहा और
अपनी सजा पूरी करने के बाद, वह 2018-19 में कहीं बांग्लादेश भाग गया और उसने अपना मॉड्यूल
फिर से शुरू कर दिया। वह गंदेरबल, कश्मीर का रहने वाला है।
प्रमोद कुमार कुशवाहा ने जानकारी दी, शुरुआती जांच से पता चला है कि बांग्लादेश जाने के बाद वह
लश्कर की लीडरशिप से फिर से जुड़ गया और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपना
संगठन फिर से बनाया। उसने अपने आदमियों को फिर से इकट्ठा किया। उसने शुरू में उमर फारूक
से कॉन्टैक्ट किया, जो उससे मिलने बांग्लादेश गया था और उसने उमर फारूक को ये पोस्टर
चिपकाने और भारत में कुछ सेंसिटिव जगहों पर रेकी करने का काम दिया था। इसके बाद, उन्हें
किराए पर एक अपार्टमेंट लेने का भी काम दिया गया, जिसे छिपने की जगह के तौर पर इस्तेमाल
किया जा सके। छह बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया जो तमिलनाडु में रह रहे थे। हमारी टीम
तमिलनाडु गई और उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया।












