बरेली दंगों पर CM Yogi की चेतावनी :-बरेली में प्रायः शुक्रवार की नमाज के बाद एक प्रदर्शन आयोजित होना था जिसे प्रशासन ने अनुमति नहीं दी इस पर तनाव उत्पन्न हुआ और कुछ जगहों पर आगजनी उपद्रव तथा हिंसा की घटनाएं सामने आई रिपोर्ट के अनुसार जिला प्रशासन ने दशकों से चली आ रही व्यवस्था और संवेदनशील माहौल को ध्यान में रखते हुए तौकीर राजा और अन्य लोगों की गिरफ्तारी की

इसके पश्चात CM Yogi आदित्यनाथ ने जनता को संबोधन दिया : मुख्य अंश एवं संदेश
एक भी उपद्रवी बक्शा नहीं जाएगा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस हिंसा में जो भी दोषी होगा चाहे उसकी पदवी पहचान या समर्थन कितने बड़े हो कड़ी कार्यवाही होगी उन्होंने कहा कि एक भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए , यह वाक्य सरकार के रवैये की इस प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं कि संवैधानिक दायरे को उल्लंघन करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा ।
“मौलाना भूल गया की यूपी में किसका शासन है”
CM Yogi ने कहा कि कुछ लोग सोचते हैं की व्यवस्था को रोक या चुनौती दे सकते हैं लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि मौलाना भूल गया कि यूपी में किसका शासन है इस वाक्यांश से उन्होंने यह संकेत देने की कोशिश की कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और किसी के व्यक्तिगत स्वघोषित प्रचार या आंदोलन को वह प्राथमिकता नहीं देगा जो हिंसा का मार्ग अपनाते हो ।
कानून व्यवस्था की सर्वोच्च प्राथमिकता
CM Yogi ने कहा कि राज्य सरकार का पहला धर्म है जन सुरक्षा और शांति बनाए रखना उन्होंने बताया कि प्रशासन को आदेश दिए गए हैं कि हिंसा प्रवण क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जाए और अनियंत्रित वारदातों को तुरंत दबाया जाए उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह की नाकाबंदी या कर्फ्यू लगाना सरकार की पहली पसंद नहीं है , किन्तु स्थिति यदि नियंत्रण से बाहर हो जाती है तो सख्त कदम उठाने में सरकार पीछे नहीं रहेगी .
समाज को संदेश – शांति का मार्ग चुने
CM Yogi जनता को यह आग्रह भी कर रहे थे की शांति और संवेदनशीलता बनाए रखें उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग शांति को पसंद नहीं करते वह अराजकता फैलाने की कोशिश करते हैं उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन हो सकता है लेकिन संविधान और कानून की मर्यादा में किसी भी प्रकार की हिंसा आगजनी तोड़फोड़ को स्वीकार नहीं किया जाएगा जो लोग कानून की मर्यादा को पार करेंगे वह सख्त दंड के भागीदार होंगे .
कार्यवाही एवं त्वरित सजकता की नीति
CM Yogi ने कहा कि राज्य सरकार में पहले ही पुलिस और सुरक्षा तंत्र को अलर्ट कर दिया था दोषियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो चुकी है उन्होंने यह भी कहा कि जिन इलाकों में तनाव अधिक है वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे , इसके अलावा उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस तरह की घटनाओं से सबक लिया जाएगा और आगे ऐसी घटना न हो इसके लिए प्रशासन को और अधिक सतर्क बनाया जाएगा .
राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप और जिम्मेदारी
अपनी संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक तत्व इस घटना को राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे लोग कानून व्यवस्था के नाम पर बयान बाजी कर सकते हैं लेकिन वह राज्य की स्थिरता शांति और विकास का मार्ग अवरोधित नहीं कर पाएंगे , बे यह जताना चाहते थे कि शासन की मुट्ठी में बंदूक नहीं कानून और वह कानून सभी के लिए समान रूप से लागू होगा .
विश्लेषण एवं संभावित परिणाम
दृढ़ संदेश एक भी उपद्रवी बचे नहीं जैसे वाक्यांशों से सत्ता या दिखाना चाह रही है कि वह कमजोर नहीं है और कानून को कमजोर पढ़ने नहीं देगी, एक तरफ हिंसा करने वालों पर चेतावनी और दूसरी और जनता से अपील की वे शांति बनाए रखें इस तरह सरकार ने दोहरी रणनीति अपनाई है , “मौलाना भूल गया” “राजनीतिकरण की कोशिश” इत्यादि शब्दों में विरोधी ताकतो को चेतावनी भी दे रहे हैं की धार्मिक एवं राजनीतिक स्नेह की आड़ लेकर अराजकता नहीं पनपने देंगे , योगी सरकार पहले से ही कानून व्यवस्था को चुनावी और प्रशासनिक एजेंडा के केंद्र में रखती आई है यह संबोधन इस एजेंट पर एक नया मोड़ जोड़ता है कि अब किसी भी तरह की उथल-पुथल बर्दाश्त नहीं होगी शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन यह भी देता है कि इन परिस्थितियों में भरोसा टूटा नहीं बल्कि शासन जारी रहेगा और विकास की गति भी नहीं रुकेगी ।
निष्कर्ष
बरेली हिंसा के बाद CM Yogi आदित्यनाथ का जनता से संबोधन एक निर्णायक, सख्त और संवेदनशील मिश्रण था , उन्होंने दोषियों को स्पष्ट चेतावनी दी , जनता को शांति बनाए रखने की अपील की और यह स्पष्ट किया कि सरकार का प्राथमिक उत्तरदायित्व है लोक सुरक्षा और कानून व्यवस्था , यह संबोधन का उद्देश्य न केवल इस घटना को नियंत्रित करना था बल्कि यह संदेश भी देना था कि उत्तर प्रदेश में सरकार किसी भी तरह की हिंसा , अराजकता या धार्मिक राजनीतिक उथल-पुथल को बर्दाश्त नहीं करेगी, उन्होंने इस प्रयास में प्रशासन पुलिस और जनता तीनों की भूमिका पर जोर दिया है ।












