केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को छत्तीसगढ़ के दौरे पर हे राज्य के बस्तर जिले के अभियान में दंतेश्वरी के दर्शन किए इसके बाद उन्होंने बक्सर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में बस्तर दशहरा लोक उत्सव और स्वदेशी मेला को संबोधित किया ।
जनता को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री स्पष्ट किया कि नक्सलियों को अब हथियार डालने ही होंगे , इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खतरे को अलविदा कहने के लिए 2026 कि सीमा तय की जा चुकी है ।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने बातचीत का आवाहन किया है , मैं एक बार फिर स्पष्ट कर दूं कि छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार दोनों ही बस्तर और सभी नक्सल प्रभावित इलाकों के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं अब बात करने की क्या बात है एक आकर्षक आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति लागू की गई है आगे आइए और अपने-अपने हथियार डालिए ।
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि नक्सलियों के साथ बातचीत की कोई संभावना नहीं है उन्होंने कहा कि सरकार की लाभदायक आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति को स्वीकार करने के बाद उन्हें हथियार डालने होंगे ।
बस्तर में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 10 वर्षों में छत्तीसगढ़ को विकास कार्यों के लिए कई लाख करोड रुपए से अधिक दिए हैं प्रधानमंत्री की ओर से मैं आपको अस्वस्थ करना चाहता हूं कि 2026 के बाद नक्सली आपके विकास को नहीं रोक पाएंगे ।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने चेतावनी देते हुए कहा कि हथियारों के बल पर बस्तर की शांति भंग करने वालों को सुरक्षा बल करारा जवाब देंगे शाह ने कहा कि दिल्ली में कुछ लोग वर्षों से यह गलत सूचना दे रहे हैं कि नक्सलवाद का जन्म विकास की लड़ाई के लिए हुआ था , लेकिन मैं अपने आदिवासी भाइयों को बताने आया हूं कि पूरा बस्तर विकास से वंचित रहा है इसका मूल कारण नक्सलवाद है ।











