भारत के मुख्य न्यायाधीश गवाही बी आर गवई पर जूता फेंकने का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है , सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक ने इस हमले की निंदा की है वहीं अब गवई के परिवार ने भी कोर्ट परिसर में इस घटना पर अपना दुख जताया है उनका कहना है कि यह हमला cJI पर नहीं बल्कि देश के संविधान पर हमला था , किसी को भी कानून अपने हाथों में लेने का कोई अधिकार नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश की बहन कीर्ति गवई के अनुसार हमने cji से बात की उन्होंने अदालत से इसे नजरअंदाज करने के लिए कहा लेकिन सच बताऊं तो हम इसे जाने नहीं दे सकते , वह उनका अपमान था अगर हम अभी इस तरह से गलत बर्ताव को नहीं रोकेंगे तो भविष्य में आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेगी ।
CJI की मां और बहन ने कहा है कि इस तरह की घटनाओं को रोकना चाहिए वरना भविष्य में आने वाली पीढ़ियां हम लोगों को कभी माफ नहीं करेगी ।
इस हमले को जहरीली विचारधारा से प्रभावित बताते हुए कहा कि जो भी संविधान के विरुद्ध जाएगा उसे प्रतिक्रिया झेलनी होगी यह किसी पर व्यक्तिगत हमला नहीं था बल्कि जहरीले विचारधारा के द्वारा संविधान पर हमला था हमें इस तरह के गैर संवैधानिक बर्ताव को रोकना होगा अगर कोई संविधान के खिलाफ काम करता है , तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ।
मुख्य न्यायाधीश की मां कमल गवही ने कहा कि लोगों को संविधान पर ध्यान देना चाहिए और इसके पीछे के मुख्य सिद्धांतों को अपनाना चाहिए , उन्होंने आगे कहा भारतीय संविधान सभी को बराबरी का अधिकार देता है लेकिन कुछ लोग कानून को अपने हाथों में ले लेते है , किसी को कानून हाथ में लेने और अराजकता फैलाने का अधिकार नहीं है मैं सभी से अपील करुंगी कि संविधान के दायरे में रहकर अपना सवाल पूछे ।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के वक्त वकील राकेश किशोर ने CJI पर जूता फेंक कर मारा था , इस दौरान राकेश ने चिल्लाते हुए कहा भारत सनातन का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा , इस घटना के बाद वकील राकेश किशोर को दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया हालांकि CJI ने हमलावर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने से मना कर दिया जिसके बाद उसे रिया कर दिया गया है ।












