Sunday, March 22, 2026
Times News
No Result
View All Result
  • Login
  • Home
  • World
  • Opinion
  • Economy
  • Business
  • Culture
  • Politics
  • Lifestyle

    Trending Tags

    • COVID-19
    • Donald Trump
    • Pandemic
    • Bill Gates
    • Corona Virus
  • Tech
SUBSCRIBE
Times News
No Result
View All Result
Home Politics

बहन मायावती का शक्ति प्रदर्शन की पृष्ठ भूमि और विश्लेषण

HARSH SEHRAWAT by HARSH SEHRAWAT
October 10, 2025
Reading Time: 1 min read
0
बहन मायावती का शक्ति प्रदर्शन की पृष्ठ भूमि और विश्लेषण

बहन मायावती की यह रैली काशीराम की पुण्यतिथि के उपलक्ष पर आयोजित की गई थी और मायावती ने से लगभग 4 वर्ष बाद बड़े अनुपात पर सार्वजनिक मंच पर लौटने का अवसर माना जा रहा है .
रैली स्थल काशीराम स्मारक स्थल था जिसे बड़ी तैयारी और जनसमूह की चुनौतियों की बीच सजाया गया था ।

RELATED POSTS

घटते जन्मदर से घबराया चीन, महिलाओं को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए कर रहा प्रोत्साहित: रिपोर्ट

बांग्लादेश: चुनाव प्रचार के दौरान फायरिंग, एक बच्चे समेत पांच घायल

मास्को: रूसी जनरल व्लादिमीर एलेक्सेयेव पर जानलेवा हमला, अस्पताल में भर्ती

आयोजकों और पार्टी ने दावा किया कि लाखों की भीड़ जुटी जबकि रिपोर्ट के अनुसार दो से ढाई लाख के आसपास संख्या बताई जा रही थी , परंतु यह संख्या भी बहुत बड़ी संख्या है , भीड़ इतनी थी कि नेटवर्क बाधित हुआ कई लोग मंच नहीं देख सके और प्रवेश द्वारों पर लोगों के बीच परेशानी और महिलाओं के बेहोश होने की घटना भी सामने आई ।

यह आयोजन इस स्तर पर एक बड़े शक्ति प्रदर्शन की तरह देखा जा रहा है और अनुमान लगाया जा रहा है कि है संदेश देना कि बसपा और मायावती अभी भी जन समर्थन जूता सकती हैं और शांत रहने का समय समाप्त हो गया है ।

रैली में मायावती और उनके सहयोगियों ने कई प्रमुख संदेश दिए वहीं कुछ विरोधाभासी और रणनीतिक चुनौतियां भी सामने आई – मायावती ने स्पष्ट किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा अकेले ही चुनाव लड़ेगी किसी पार्टी से किसी प्रकार का गठबंधन नहीं करेगी ।

उनका तर्क यह रहा कि जब गठबंधन किया गया तब पार्टी को असली लाभ नहीं मिला मत स्थानांतरित हो गए , परंतु अग्रिम बोर्ड नहीं मिले , इस तरह का शक्ति प्रदर्शन उन समर्थकों के बीच आत्मविश्वास जगाने का प्रयास है कि बसपा अपनी पैठ को पुनर्जीवित कर सकती है बिना किसी बाहरी साझेदारी के , यह रणनीति जोखिम भरी है यदि अकेले लड़ने का पटाक्षेप सफल न हो तो पार्टी को विभाजित वोटो के दबाव में आ सकती है , विश्लेषकों का मानना है कि वह यह संकेत देना चाहती है कि अब उन्हें किसी दूसरे दल की आवश्यकता नहीं है।

रैली में सबसे अधिक निशान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर रहा मायावती ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी दलितों के नायकों का उपयोग राजनीति के अवसर के लिए करती है , सत्ता में रहते समय उन्हें भूल जाती है और दोहरा चरित्र अपना आती है , उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी ने कांशीराम स्मारकों के रख दिखाओ पर पैसा नहीं खर्च किया टिकट राजस्व को भी रोक दिया ।

परंतु इसके विपरीत उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ की इसलिए कि उनसे स्मारकों के टिकट राजस्व का उपयोग मरम्मत के लिए किया यह एक आश्चर्यजनक विमर्श था , क्योंकि पार्टी पारंपरिक रूप से भाजपा की आलोचना करती रही है । परंतु मायावती ने केंद्रीय सरकार पर भी आरोप लगाए कि उन्होंने EVM धांधली , योजनाओं का लाभ जनता तक न पहुंचने और संवैधानिक मसलों पर नाटक बाजी का आरोप लगाते हुए आलोचना की ।

रैली में मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को सक्रिय रूप से मंच पर सम्मिलित करके एक संदेश दिया कि भविष्य में पार्टी की अगली पीढ़ी आ रही है , उन्होंने समर्थकों से कहा कि जैसे उन्होंने उनका साथ दिया वैसे ही वह आकाश आनंद का भी साथ दे ।
वरिष्ठ नेताओं में सतीश चंद्र मिश्र और उमाशंकर सिंह को मंच पर स्थान दिया गया ताकि जातीय संतुलन और पार्टी के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व दिखाया जा सके

यह कदम पार्टी के आंतरिक संगठन और युवाओं को सक्रिय रखने की दिशा में माना गया लेकिन विश्लेषकों ने इसे मायावती का उत्तर अधिकारी के रूप में परिभाषित किया परंतु अभी यह देखना अभी बाकी है कि यह पॉलिटिकल जमीन पर कितना असर दिखेगा ।

मायावती ने दलित नायको स्मारकों PDA पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक के मुद्दों को जोर-शोर से उठाया उन्होंने कहा कि यह उनकी राजनीति की जड़े हैं और वे इसे भूल नहीं सकती , इस दौरान उन्होंने विरोधियों पर आरोप लगाया कि वे इन प्रतीकों और इतिहास का दुरुपयोग करते हैं , उन्होंने यह भी कहा कि इन मुद्दों को सही तरीके से नहीं संबोधित करने वाले दलों पर जनता को सतर्क रहना चाहिए , इस प्रकार उन्होंने अपनी राजनीतिक पहचान को मजबूत करने की चेष्टा की यह याद दिलाते हुए की बसपा की राजनीति पहचान , आत्मसम्मान और अधिकार की राजनीति रही है ।

सकारात्मक पक्ष :

मायावती लगभग कहीं वर्षों के पश्चात सार्वजनिक मंच पर वापसी की है और यह रैली एक संकेत है कि वह राजनीतिक क्षितिज पर लौट रही है इसने पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को ऊंचा किया और यह विश्वास जगाया कि आगे कुछ किया जा सकता है , भीड़ की उपस्थिति का दृश्य इस बात की गवाही देते हैं कि मायावती अभी पूरी तरह विस्मृति नहीं हुई है , कम से कम उनके समर्थक उन्हें सुनने आए इस तरह के शक्ति प्रदर्शन से राजनीति में “हम अभी जीवित हैं” का संदेश जाता है ।

भाजपा सरकार की तारीफ करना पारंपरिक विचारों से हटकर यह संकेत देता है कि मायावती सभी विरोधी दलों को समक्ष रखने की प्रयत्न कर रही है ना की एकमात्र विरोधी केंद्र बनाना चाहती हैं , यह दर्शाता है कि राजनीतिक तार तार विरोध नहीं बल्कि सामरिक दूरी बनाकर कार्य करने की प्रवृत्ति हो सकती है ।

आकाश आनंद को सक्रिय रूप से मंच पर प्रस्तुत करना यह संकेत है कि पार्टी भविष्य के नेतृत्व को सक्रिय कर रही है यह शक्ति हस्तांतरण या बुआ V/S भतीजे विवादों को स्थिर करने की कोशिश भी हो सकती है ।

निष्कर्ष :

मायावती की रैली जोरदार भावनात्मक और राजनीति के यह संदेश देती है कि बसपा वापस मैदान में आने का प्रयत्न कर रही है, यह संकेत है कि वह अब सक्रिय राजनीति में गुमनामी की स्थिति नहीं स्वीकारेगी लेकिन यह स्पष्ट है कि इस रैली को केवल शोर न बनने देना होगा उसे ठोस रणनीति जमीनी स्तर की तैयारी प्रत्याशी चयन और विस्तार अभियान के साथ आगे ले जाना होगा ।

विश्लेषकों का समग्र दृष्टि कोड यह है इस रैली ने मायावती के राजनीतिक अस्तित्व को एक बार फिर दिखा दिया है परंतु असली परीक्षा 2027 के चुनाव में उसे किस तरह परिणाम स्वरुप दिखती है यह देखना आकर्षित होगा ।

ShareTweet
HARSH SEHRAWAT

HARSH SEHRAWAT

Related Posts

घटते जन्मदर से घबराया चीन, महिलाओं को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए कर रहा प्रोत्साहित: रिपोर्ट
देश

घटते जन्मदर से घबराया चीन, महिलाओं को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए कर रहा प्रोत्साहित: रिपोर्ट

February 6, 2026
बांग्लादेश: चुनाव प्रचार के दौरान फायरिंग, एक बच्चे समेत पांच घायल
देश

बांग्लादेश: चुनाव प्रचार के दौरान फायरिंग, एक बच्चे समेत पांच घायल

February 6, 2026
मास्को: रूसी जनरल व्लादिमीर एलेक्सेयेव पर जानलेवा हमला, अस्पताल में भर्ती
देश

मास्को: रूसी जनरल व्लादिमीर एलेक्सेयेव पर जानलेवा हमला, अस्पताल में भर्ती

February 6, 2026
रोहित शेट्टी के घर फायरिंग पर प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया का सख्त रुख, मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था पर जताई चिंता
देश

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग पर प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया का सख्त रुख, मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था पर जताई चिंता

February 6, 2026
मधुर भंडारकर ने ;द वाइव्सकी शूटिंग पूरी की
Politics

मधुर भंडारकर ने ;द वाइव्सकी शूटिंग पूरी की

February 6, 2026
विदेश मंत्री जयशंकर ने वाशिंगटन में अपने समकक्ष मार्को रुबियो और ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट से मुलाकात की
देश

विदेश मंत्री जयशंकर ने वाशिंगटन में अपने समकक्ष मार्को रुबियो और ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट से मुलाकात की

February 6, 2026
Next Post
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका , कोल्डड्रिप सीरप से  हुई बच्चों की मृत्यु की जांच नहीं करेगी CBI

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका , कोल्डड्रिप सीरप से हुई बच्चों की मृत्यु की जांच नहीं करेगी CBI

10 अक्टूबर को विश्व मना रहा है मानसिक स्वास्थ्य दिवस , जाने क्या है इस दिवस की महत्वता

10 अक्टूबर को विश्व मना रहा है मानसिक स्वास्थ्य दिवस , जाने क्या है इस दिवस की महत्वता

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

ग्लोबल मार्केट से कमजोरी के संकेत, एशिया में मिला-जुला कारोबार

ग्लोबल मार्केट से कमजोरी के संकेत, एशिया में मिला-जुला कारोबार

February 5, 2026
10 अक्टूबर को विश्व मना रहा है मानसिक स्वास्थ्य दिवस , जाने क्या है इस दिवस की महत्वता

10 अक्टूबर को विश्व मना रहा है मानसिक स्वास्थ्य दिवस , जाने क्या है इस दिवस की महत्वता

October 10, 2025
चावल, दालें मजबूत, गेहूं, चीनी नरम, खाद्य तेलों में घट-बढ़

चावल, दालें मजबूत, गेहूं, चीनी नरम, खाद्य तेलों में घट-बढ़

February 20, 2026

Popular Stories

  • ऊंचाहार में बनेगा नया बस स्टैंड, यूपी सरकार ने दी भूमि हस्तांतरण को मंजूरी

    ऊंचाहार में बनेगा नया बस स्टैंड, यूपी सरकार ने दी भूमि हस्तांतरण को मंजूरी

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • दिवाली से पूर्व उत्तर सीएम योगी ने राज्य के सफाई कर्मियों के लिए की बड़ी घोषणा

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कांग्रेस नेतृत्व ने असम में सीट-शेयरिंग अरेंजमेंट पर अपना स्टैंड बदल दिया : अखिल गोगोई

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • अखिलेश यादव ने वरिष्ठ नेता आज़म खान से की मुलाकात , जेल से रिहाई के बाद की पहली मुलाकात

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • उजजैन : अमिताभ बच्चन के खिलाफ नागदा में परिवाद दायर, मामले में अगली सुनवाई 12 फरवरी को

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Times News

टाइम्स न्यूज़ एक प्रमुख भारतीय समाचार पत्र और डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म है जो राजनीति, व्यापार, मनोरंजन, खेल और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न श्रेणियों में समाचार प्रदान करता है। यह अपने प्रिंट और ऑनलाइन संस्करणों के माध्यम से विविध दर्शकों को समय पर अपडेट और गहन विश्लेषण प्रदान करता है।

Recent Post

  • ट्रक की टक्कर से बाइक सवार किशोर की मौत, दो दोस्त घायल
  • दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने अकाल तख्त के जत्थेदार से की मुलाकात
  • नगर निगम के 176 कर्मचारी सेवानिवृत्त, सम्मान समारोह आयोजित
  • देहदान विषय पर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ‘वरदान’ का समापन

Categories

  • Culture
  • Economy
  • Health
  • Opinion
  • Politics
  • Tech
  • Travel
  • World
  • ऑटोमोबाइल
  • खेल
  • देश
  • फाइनेंस
  • मनोरंजन
  • रोजगार
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य

सम्पर्क करें

सम्पर्क करें
लेख, समाचार, पाठकों के विचार भेजें:
contact@dainiktimesnews.com
For Business and other enquiries:
admin@dainiktimesnews.com
यदि आपको ‘dainiktimesnews.com’ पर छपी किसी सामग्री या वीडियो कंटेंट में सम्पादकीय आचार संहिता की चूक को लेकर कोई शिकायत है तो आप अपनी शिकायत हमारे Grievance Officer को भेज सकते हैं।

© 2025 Times News

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • Home
  • Subscription
  • Category
    • Business
    • Culture
    • Economy
    • Lifestyle
    • Health
    • Travel
    • Opinion
    • Politics
    • Tech
    • World
  • Landing Page
  • Buy JNews
  • Support Forum
  • Pre-sale Question
  • Contact Us

© 2025 Times News