पटना, बिहार की राजधानी, जल्द ही अपने पहले मेट्रो रेल नेटवर्क के संचालन की दिशा में अग्रसर है, लेकिन इसके शुरू होने से पहले ही अनुशासनहीनता की कुछ घटनाएं प्रशासन की चिंता बढ़ा रही हैं। हाल के दिनों में मेट्रो के डिब्बों और स्टेशनों की दीवारों पर गुटखा थूकने की शिकायतें सामने आई हैं। इन घटनाओं ने मेट्रो प्रशासन को सख्त रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, मेट्रो के ट्रायल रन के दौरान और कुछ स्टेशनों के निरीक्षण के वक्त सफाई कर्मियों ने पाया कि कुछ अज्ञात लोगों ने दीवारों और सीढ़ियों के किनारों पर गुटखा थूका हुआ है। यह न केवल साफ-सफाई के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाला कृत्य भी है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने स्पष्ट किया है कि मेट्रो में गुटखा, पान, बीड़ी, सिगरेट और किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों के सेवन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। इसके उल्लंघन पर 500 से लेकर 2000 रुपये तक का जुर्माना और आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
मेट्रो प्रशासन ने कहा है कि “यह जनता की सुविधा और गर्व की परियोजना है, इसे गंदा करना समाज के हित में नहीं है।” साथ ही उन्होंने सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने और स्टेशनों पर निगरानी के लिए अतिरिक्त कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं।
शहर के कई सामाजिक संगठनों ने भी इन घटनाओं की निंदा की है और लोगों से अपील की है कि वे मेट्रो जैसे आधुनिक परिवहन साधन को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग दें। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर लोग इसी तरह की हरकतें जारी रखते हैं तो ‘स्पॉट फाइन’ की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
पटना मेट्रो का निर्माण बिहार के लिए विकास की बड़ी पहचान माना जा रहा है, जो ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से राहत देने में मदद करेगा। ऐसे में गुटखा थूकने जैसी घटनाएं न केवल शहर की छवि को धूमिल कर रही हैं बल्कि नागरिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर रही हैं। प्रशासन अब पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करने के मूड में है ताकि मेट्रो का संचालन शुरू होने से पहले ही अनुशासन कायम रखा जा सके।












