समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और संभल से विधायक इकबाल महमूद ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। लंबे राजनीतिक सफर के बाद अब उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने का फैसला किया है। इकबाल महमूद ने कहा कि अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपी जाए। बताया जा रहा है कि वे अपने बेटे को 2027 के विधानसभा चुनाव में संभल से टिकट दिलाकर चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं।
इकबाल महमूद पिछले तीन दशकों से संभल की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं। वे कई बार विधायक चुने गए और सपा सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं। अपनी मजबूत पकड़ और जनता से गहरे जुड़ाव के कारण वे हमेशा इस क्षेत्र में प्रभावशाली नेता माने जाते रहे हैं। अब उनके राजनीति छोड़ने के ऐलान से संभल की सियासत में हलचल मच गई है।
सूत्रों के अनुसार, सपा नेतृत्व को भी इकबाल महमूद के इस निर्णय की जानकारी दे दी गई है। पार्टी में उनके योगदान को लेकर अखिलेश यादव ने उन्हें समाजवादी विचारधारा का सच्चा सिपाही बताया। वहीं, स्थानीय कार्यकर्ताओं में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई कार्यकर्ताओं का मानना है कि इकबाल महमूद की सक्रिय राजनीति से दूरी सपा के लिए एक बड़ी कमी साबित हो सकती है।
अब सबकी निगाहें उनके बेटे की राजनीतिक एंट्री पर टिक गई हैं। माना जा रहा है कि पिता की लोकप्रियता और संगठन में गहरी पकड़ का फायदा बेटे को आगामी चुनाव में मिल सकता है। इस तरह, संभल की सियासत में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।












