बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। जनता दल के विवादित विधायक गोपाल मंडल इस बार अपने ही दल की सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं। खबर के मुताबिक, गोपाल मंडल मुख्यमंत्री आवास CM House के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि वे तब तक वहां से नहीं उठेंगे जब तक उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी टिकट की गारंटी नहीं मिल जाती।
गोपाल मंडल, जो गंगा पार के बिहपुर विधानसभा क्षेत्र से जदयू के विधायक हैं, अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए पहले से ही चर्चा में रहे हैं। इस बार उन्होंने पार्टी के अंदर टिकट वितरण को लेकर खुलकर बगावत का झंडा उठा दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, मैंने पार्टी के लिए जी-जान लगाई है। अगर अब टिकट नहीं मिलेगा, तो यह मेरे साथ नाइंसाफी होगी। जब तक नीतीश कुमार या पार्टी नेतृत्व लिखित में टिकट की गारंटी नहीं देंगे, मैं यहां से नहीं हटूंगा।
धरने के दौरान गोपाल मंडल समर्थकों की भीड़ जुटी रही। वे नारेबाजी करते हुए पार्टी नेतृत्व से अपने नेता को टिकट देने की मांग कर रहे थे। मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
जदयू के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने गोपाल मंडल से संपर्क करने की कोशिश की, मगर विधायक ने साफ कहा कि वह समझाने-बुझाने से नहीं मानेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, टिकट वितरण पर कई विधायकों में असंतोष है, लेकिन गोपाल मंडल का यह कदम सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर दबाव बनाने की रणनीति माना जा रहा है।
यह घटनाक्रम जदयू के अंदर बढ़ते असंतोष को उजागर करता है। बिहार चुनाव 2025 से पहले पार्टी नेतृत्व के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन सकता है, क्योंकि असंतुष्ट विधायकों की नाराजगी अगर नहीं सुलझी, तो यह गठबंधन की स्थिति को भी प्रभावित कर सकती है।












