उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मंगलवार को प्रशासन ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक करीब 30 साल पुरानी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई सैदनगली-मनौटा रोड पर स्थित उस स्थल पर की गई, जो निर्माणाधीन श्री कल्कि धाम से कुछ ही दूरी पर है। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
जानकारी के अनुसार, प्रशासन का कहना है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी हुई थी और इस संबंध में कई बार नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद निर्माण को नहीं हटाया गया, जिसके बाद मंगलवार सुबह प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। बताया गया कि मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस अधिकारी और पीएसी बल मौजूद रहे।
जैसे ही बुलडोजर की आवाज गूंजी, आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई स्थानीय लोग प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करने के लिए एकत्र हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें मौके से हटा दिया। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और इसका उद्देश्य सिर्फ सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना है।
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मस्जिद वर्षों से इलाके में मौजूद थी और इसमें नियमित रूप से नमाज अदा की जाती थी। उनका आरोप है कि प्रशासन ने बिना उचित सुनवाई के इस कार्रवाई को अंजाम दिया। कई लोगों ने इसे धार्मिक भावना से जोड़कर सोशल मीडिया पर भी विरोध दर्ज कराया।
प्रशासनिक सूत्रों ने साफ किया कि यह कार्रवाई किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि अवैध निर्माणों को हटाने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है, जो जिलेभर में चल रही है।
इस कार्रवाई के बाद से संभल का यह इलाका सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील बना हुआ है। पुलिस ने एहतियातन अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है ताकि शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन ने अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और स्थिति को सामान्य बनाए रखने में सहयोग करें।












