नामांकन प्रक्रिया के समापन से पहले सभी राजनीतिक दलों के दावेदार अपने-अपने पर्चे दाखिल करने में जुट गए हैं। पटना सहित कई जिलों में सुबह से ही निर्वाचन कार्यालयों के बाहर प्रत्याशियों और समर्थकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कड़े इंतज़ाम किए हैं।
पहले चरण में प्रदेश के 10 जिलों की लगभग 58 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। नामांकन की अंतिम तिथि होने के कारण आज कई बड़े नेताओं के नामांकन दाखिल करने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा,जदयू , राजद, कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों के प्रत्याशी अपनी-अपनी सीटों से नामांकन प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि महागठबंधन में अब तक सीटों का औपचारिक बंटवारा नहीं हो पाया है। राजद, कांग्रेस और वाम दलों के बीच कई सीटों को लेकर मतभेद बरकरार हैं। इसके बावजूद राजद और कांग्रेस ने अपने संभावित उम्मीदवारों को सिंबल देना शुरू कर दिया है, जिससे यह साफ है कि सभी दल किसी भी स्थिति में नामांकन की अंतिम तिथि को हाथ से नहीं जाने देना चाहते। सूत्रों के अनुसार, कई सीटों पर गठबंधन के भीतर ही टकराव की स्थिति बन सकती है क्योंकि दो-दो नेताओं ने नामांकन दाखिल कर दिया है।
दूसरी ओर, NDA गठबंधन की स्थिति अपेक्षाकृत स्पष्ट दिखाई दे रही है। भाजपा और जदयू ने पहले ही अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है और ज्यादातर सीटों पर सहमति बन चुकी है। वहीं, एलजेपी (रामविलास) और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) भी एनडीए के साथ तालमेल में हैं।
चुनावी सरगर्मी के बीच राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि महागठबंधन में सीट बंटवारे में हो रही देरी का असर उम्मीदवारों की तैयारी और जनता के बीच संदेश पर पड़ सकता है। उधर, निर्वाचन आयोग ने नामांकन की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
आज नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, कल से नामांकन पत्रों की जांच शुरू होगी और 31 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद पहले चरण के चुनावी प्रचार में और तेजी आने की संभावना है।











