भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है। गुरुवार को खेले गए आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 9 गेंदें शेष रहते 5 विकेट से मात देकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम इंडिया ने अपने वनडे इतिहास का सबसे बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया और फाइनल में जगह पक्की की।
ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट पर 282 रन बनाए। एलिसा हिली ने शानदार 87 रन बनाए, जबकि बेथ मूनी और टैहलिया मैकग्राथ ने भी उपयोगी पारियां खेलीं। भारत की ओर से रेनुका सिंह और दीप्ति शर्मा ने दो-दो विकेट झटके, जबकि बाकी गेंदबाजों ने सधी हुई गेंदबाजी से रन गति को नियंत्रित रखा।
जवाब में भारत की शुरुआत थोड़ी धीमी रही, लेकिन जेमिमा रोड्रिग्ज और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीसरे विकेट के लिए 147 रनों की शानदार साझेदारी कर मैच का रुख बदल दिया। जेमिमा ने 92 गेंदों में 89 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 2 छक्के शामिल थे। हरमनप्रीत ने भी 71 रन बनाकर टीम को मजबूती दी। अंत में ऋचा घोष ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 31 रन बनाए और टीम को जीत दिलाई।
भारत ने 48.3 ओवरों में 5 विकेट पर 283 रन बनाकर जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने पहली बार किसी आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को हराया। यह जीत न केवल ऐतिहासिक थी, बल्कि टीम के आत्मविश्वास का प्रतीक भी रही।
इस मैच में कई रिकॉर्ड टूटे। भारत ने वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे बड़े लक्ष्य का सफल पीछा करने का नया कीर्तिमान स्थापित किया। जेमिमा रोड्रिग्ज को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। मैच के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि यह जीत पूरे देश के लिए समर्पित है। टीम ने शानदार एकजुटता दिखाई और हर खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया।
अब भारत का सामना फाइनल में इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा। पूरा देश उम्मीद कर रहा है कि भारतीय महिला टीम इस शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखते हुए पहली बार वनडे विश्व कप खिताब अपने नाम करेगी।












