कुआलालंपुर में शुक्रवार को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ के बीच एक ऐतिहासिक रक्षा साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते को दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला कदम माना जा रहा है। यह समझौता भारत-अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा में सामरिक समन्वय को और अधिक मजबूत करेगा।
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि यह साझेदारी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और शांति की आधारशिला साबित होगी। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका न केवल लोकतांत्रिक मूल्य साझा करते हैं, बल्कि क्षेत्र में स्वतंत्र और खुला समुद्री परिवेश बनाए रखने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। हेगसेथ ने बताया कि इस समझौते से संयुक्त सैन्य अभ्यास, खुफिया साझाकरण और अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों के आदान-प्रदान को नई दिशा मिलेगी।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह समझौता भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने कहा, “यह साझेदारी हमारे रणनीतिक अभिसरण का प्रतीक है। इससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी समन्वय और विश्वास और भी गहरा होगा।” उन्होंने आगे जोड़ा कि भारत इस समझौते के माध्यम से अपनी रक्षा क्षमताओं में वृद्धि करेगा, साथ ही घरेलू रक्षा उत्पादन को भी प्रोत्साहित करेगा।
जानकारों के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा। इसमें संयुक्त अनुसंधान, रक्षा उत्पादन, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष रक्षा और नौसैनिक सहयोग जैसे कई अहम क्षेत्र शामिल हैं। यह समझौता भारत की “मेक इन इंडिया” नीति को भी सशक्त करेगा, क्योंकि इसके तहत अमेरिकी कंपनियाँ भारत में रक्षा उपकरणों के सह-उत्पादन में भाग लेंगी।
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में यह समझौता न केवल भारत और अमेरिका के लिए, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच यह बढ़ता सहयोग चीन के बढ़ते प्रभाव के संतुलन में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
कुल मिलाकर, कुआलालंपुर में हुआ यह समझौता भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा देने वाला मील का पत्थर साबित होगा, जो आने वाले वर्षों में रक्षा, तकनीक और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में गहरा प्रभाव छोड़ेगा।












